श्री देशना संग्रह
भाषा की पाठशाला' में इस सप्ताह के शब्द : उदाहरण, दृष्टांत, आहरण और प्रत्याहार
20 जनवरी 2026
‘उदाहरण’ शब्द उद् (उत् = ऊपर) तथा आहरण - खींचकर लाना) से बना है। इसका अर्थ हुआ— किसी तथ्य को सिद्ध करने के लिए कहीं और से उपयुक्त सामग्री खींचकर लाना। इसको ऐसे समझें कि आप जब 'उदाहरण' देते हैं तो अपनी बात के पक्ष में कहीं और से तथ्य लाकर देते हैं।
दूसरे शब्दों में– बौद्धिक और व्यावहारिक तथ्यों, पदार्थों, विचारों आदि के संबंध में कुछ प्रमाणित करने के निमित्त कुछ प्रस्तुत करना ‘उदाहरण’ कहलाता है। ‘उदाहरण’ शब्द के दो प्रयोग देखें:–
1. ठोस पदार्थ के ‘उदाहरण’ हैं : लोहा, लकड़ी, बर्फ़ आदि।
2. भारत लोकतंत्र का एक ‘उदाहरण’ है।
दृष्टांत : दृष्टांत शब्द 'दृष्ट + अंत' से बना है। दृष्ट शब्द ‘दृश्’ धातु (देखने के लिए प्रयुक्त) में 'क्त' प्रत्यय लगकर बना है। दृष्ट का अर्थ है, जो देखा हुआ हो, घटित, अवलोकित हो। इस प्रकार, दृष्टांत का अर्थ है– कथन की पुष्टि के लिए अंत में कुछ ऐसा प्रस्तुत करना, जो पूर्व में कहीं देखा गया है; इसलिए प्रामाणिक है।
‘दृष्टांत’ आचरण और कृतियों के संबंध में साम्य, आदर्श, नज़ीर, मिसाल और प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है; जैसे– प्राचीन काल में मल्ल-युद्ध का एक ‘दृष्टांत’ महाभारत काल में भीम-जरासंध युद्ध में मिलता है।
आहरण : आहरण शब्द 'आ+ हरण' से बना है। हरण शब्द 'ह्र' से बना है और इसका अर्थ है– ‘छीन लेना’। इस तरह आहरण का प्रयोग भले ही निकासी करना, निकालना आदि के लिए होता है, अपने मूल अर्थ में यह मूल स्थान से हटाने, ‘विवर्तन’, ‘प्रत्याहार’ आदि से संबंधित है।
प्रत्याहार : यह शब्द 'प्रति + आहार' से बना है। प्रति का अर्थ है– ‘विपरीत’ और आहार का अर्थ है– ‘भोजन’। इस तरह प्रत्याहार का शाब्दिक अर्थ हुआ– ‘विपरीत भोजन’। इसका आशय है– इंद्रियों को बाहरी विषयों से हटाकर भीतर की ओर मोड़ना अर्थात् इंद्रियों को बहिर्मुखी से अंतर्मुखी बनाना।
विशेष : ‘दृश्’ धातु में ‘तव्य’ प्रत्यय जुड़ने से ‘द्रष्टव्य’ शब्द बनता है; जिसका अर्थ है– ‘देखने योग्य’। भ्रमवशात्, लोग इसे ‘दृष्टव्य’ लिख देते हैं, जो नितांत अनुचित है।
कमलेश कमल
