✦ श्री देशना संग्रह ✦
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भोर भयी
27 अगस्त 2026
लेखक: संजय भारद्धाज
भोर भयी.मैं फुटपाथ पर चल रहा हूँ। बायीं ओर फुटपाथ के साथ-साथ महाविद्यालय की दीवार चल रही है तो दाहिनी ओर सड़क सरपट दौड़ रही है। महाविद्यालय की सीमा में लम्बे-बड़े वृक्ष हैं। कुछ वृक्षों का एक हिस्सा दीवार फांदकर फुटपाथ के ऊपर भी आ रहा है। परहित का विचार करनेवाले यों भी सीमाओं में बंधकर कब अपना काम करत...
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कविता
भोर भयी
लेखक: संजय भारद्धाज
भोर भयी.मैं फुटपाथ पर चल रहा हूँ। बायीं ओर फुटपाथ के साथ-साथ महाविद्यालय की दीवार चल रही है तो दाहिनी ओर सड़क सरपट दौड़ रह...
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कहानी
हौसला
लेखक: डॉ सुषमा सेंगर
हौसलाउसका रोज का काम था,सुबह 5 बजे उठना,घर के काम निपटाना उसके बाद हाथ में हँसिया और गोद में बिटिया को लेकर चल देती गाय ...
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कविता
साज सवँर के बदरा आए
लेखक: -डॉ अर्जुन गुप्ता 'गुंजन'
साज सवँर के बदरा आएसाज सवँर के बदरा आए,पाहुन बन कर आज।आगे-आगे हवा मचलती, करे खूब आवाज॥बंद खिड़कियाँ दर दरवाजे,खुले आज हरओ...
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