श्री देशना संग्रह
सूर्य छिपा है ओट
9 जनवरी 2026
───── ✦ ─────
ठंढक में ठिठुरन बढ़ी, आग तापते लोग।
सूर्य छिपा है ओट में, यह कैसा संयोग॥(१)
तापमान है न्यून अति, पारद गिरता नित्य।
बर्फीली पछुआ हवा, दिखे नहीं आदित्य॥(२)
सर्द जनवरी की हवा, शीतलता चहुँओर।
दिनकर निकले देर से, प्राची मंडल छोर॥(३)
कुहरे की चादर लिए, वसुधा है अति मौन।
ओस शबनमी अब दिखे,मौसम है अति रौन॥(૪)
हरियाली है बाग़ में, नील वर्ण आकाश।
खगगण कलरव मग्न हैं, लगते नहीं निराश॥(५)
सर्द सुहावन सुरमयी, सुबह लगे चितचोर।
मनभावन है मुँगफली, मादकता चहुँओर॥(६)
गुंजन गुंजारित गहर, गगन गम्य है शोर।
मन मयूर है नाचता, उपवन दिखे चकोर॥(७)
© डॉ॰ अर्जुन गुप्ता 'गुंजन'
प्रयागराज (इलाहाबाद)
संपर्क सूत्र 9452252582
इंस्टाग्राम - arjun_prayag

