श्री देशना संग्रह
सुखमय होगा नव वर्ष
4 जनवरी 2026
───── ✦ ─────
उमंग है, उल्लास है
सुखमय होगा नव वर्ष
मन में चिर विश्वास है|
नित अम्बर के अँगना जैसे
सूरज लौट के आता है
चीर अंधेरा नन्हा जुगनू
जगमग आस जगाता है
आने वाले पल घड़ियों में
खुशियों का आभास है
मन का भी विश्वास है
बीते कल में बीता जो कुछ
समझो बीती बात हुई
सुख या दुःख की आवाजाही
सब विधना के हाथ हुई
खुद पे हो भरोसा तो
पतझड़ भी मधुमास है
ऐसा ही विश्वास है
शशि पाधा
