श्री देशना संग्रह
अब नगर शांत है.
26 जनवरी 2026
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एक सज्जन, पुरुष नगर के ऎतिहासिक मैदान में भाषण दे रहे थे. वे सरकार की विफ़लता एवं भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे थे. उसे सुनने के लिए पूरा शहर ही उस मैदान में आ उपस्थित हुआ था. भाषण शान्तिपूर्वक चल रहा था. लोग ध्यान लगा कर उनकी बातों को सुन-समझ रहे थे. पूरे मैदान में केवल उसीकी आवाज गूंज रही थी.
शहर की शान्ति भंग न हो जाए इस आशंका के चलते, अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने धारा 144 की घोषणा कर दी. घोषणा होते ही वह मैदान छावनी में बदल गया. पुलिस फ़ोर्स और अन्य सुरक्षा कर्मियों ने सभा में प्रवेश करते हुए लोगों को खदेड़ाना शुरु कर दिया. देखते ही देखते पूरा मैदान खाली करवा लिया गया.
अब पूरा शहर शान्ति के आगोश में था.
गोवर्धन यादव
