श्री देशना संग्रह
संतों का सम्मान सर्वोपरि
28 जनवरी 2026
सन्त अध्यात्मिक चेतना का एक प्रमुख कारक है
सात्विक उत्थान के नियामकों का उद्धारक है
सन्त सामाजिक सुधार के आधार स्तम्भ होते है
मनुष्य के चारित्रिक विकास के प्रतिबिंब होते है
संतों का सम्मान नैतिकता के उत्थान का संकेत होता है
देवों से प्रथम पूज्य संतों का सम्मान सम्पूर्ण ब्रम्हांड मे सर्वोपरि होता है
संतों का सम्पूर्ण जीवन मानव भलाई के निहितार्थ होता है
पाप पुण्य के सधे ज्ञान से मानवीय भटकाव को साधने का पुरुषार्थ होता है
भगवान से पहले संतों का स्थान होता है
देवों और मनुष्यों को जोड़ने की एक कड़ी समान होता है
संतों से समाज का दिशा निर्धारण तय होता है
सच्चरित मार्गों के अनुसरण का मार्ग प्रशस्त होता है
सन्त मनुष्य के भगवान की ओर जानेवाले सन्मार्ग का पग दिग्दर्शक होता है
सही गलत मे भेद दिखाकर मानवीय उद्धार का सन्त एक संवर्धक होता है
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र
