श्री देशना
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विलक्षण प्रतिभा के धनी थे विवेकानंद

12 जनवरी 2026

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विलक्षण प्रतिभा के धनी थे विवेकानंद 

धर्म और दर्शन के महान क्रांतिकारी थे|

दमकती थी चपला सी आभा मुखमंडल की 

देश की धरा पे वे पुरुष अवतारी थे|

भारतीय संस्कृति और राष्ट्र गौरव के प्रति 

अति अनुरागी और परम पुजारी थे|

ऐसी विभूति को शत-शत नमन मेरा 

विश्व के पटल पर वे मेधा में भारी थे||


अप्रतिम व्यक्तित्व के धनी थे विवेकानंद 

विलक्षण प्रतिभा जिनकी जन-जन को भायाहै|

वेदांत दर्शन के शिखर पुरुष थे स्वामी 

विश्व के पटल पर यश गौरव बढ़ाया है|

भारतीय संस्कृति के परम पुजारी थे वे 

कर्म का विलक्षण पाठ युवको को पढ़ाया है|

ऐसे अदम्य साहसी प्रकाश पुंज सूर्य को है 

शत-शत प्रणाम देश शीष को झुकाया है||


स्वामी विवेकानंद ज्ञान के सुदीप रहे 

जिसने अध्यात्म की ज्योति बिखरा दिया|

उठो और आगे बढ़ो जब तक न मंजिल मिले 

यह वाक्य युवकों को सम्यक समझा दिया|

स्वामी जी की मेधा से मां भारती धन्य हुई 

दर्शन का अलौकिक पाठ जन-जन को पढ़ा दिया|

वसुधैव कुटुंबकम का शुभ संदेश देकर 

विश्व गुरु बनने का मार्ग दिखला दिया||


डॉ वीरेंद्र सिंह कुसुमाकर प्रयागराज

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