दिल या दिमाग
1- दिल दिमाग जब एक हों, बनते सारे काम ।
जीवन के हर मोड़ पर, मिले सफलता धाम ।
2- दिल सच्ची बातें करे, तिकड़म करें दिमाग ।
दिल की कहनी मानिए, दिल में बसते राम ।।
3- करुणा दया उदारता, दिल की ये पहचान ।
हानि-लाभ निज दूसरा,मस्तिक आठहुॅ याम ।।
4- जतन हमेशा कीजिए , बसे रहो दिल पास ।
दिल की मानी राधिका,मिला कृष्ण का ठाम ।।
5- कंचन मृग मस्तिक बसा, सीता पिय से दूर ।
मीरां दिल की मान कर , पॅहुची वृन्दा-धाम ।।
6- नारद मन के वश भये, पॅहुचे मण्डप पास ।
नारायण दिल याद कर ,पॅहुचे भगवत धाम ।।
आदित्य कुमार गुप्ता ।