श्री देशना
───── ✦ ─────
← सभी लेख

श्री देशना संग्रह

माँ

10 मई 2020

───── ✦ ─────
 















*"माँ"*

 

पतझड़ में बहार,

प्रकृति का उपहार,

मान का मान,

शीतल बयार,

ठण्डी फुंहार,

मन की मनुहार है मां।

 

हीवडें हूंकार,

प्राणों की प्राण,

मन चाही मुराद,

स्वर्ग का श्रंगार,

मन शुद्ध सार,

जीवन धन,

प्राणाधार है मां।।


 

 



 



 















ReplyForward













 

 








 

 







 







 




 





 



 




टिप्पणियाँ