श्री देशना
───── ✦ ─────

श्री देशना संग्रह

तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ

आलेख8/10/20212 मिनट पढ़ने का समय

 तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ

सिंह की सवार बनकर

रंगों की फुहार बनकर

पुष्पों की बहार बनकर

सुहागन का श्रंगार बनकर

तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ

खुशियाँ अपार बनकर

रिश्तों में प्यार बनकर

बच्चों का दुलार बनकर

समाज में संस्कार बनकर

तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ

रसोई में प्रसाद बनकर 

व्यापार में लाभ बनकर 

घर में आशीर्वाद बनकर 

मुँह मांगी मुराद बनकर 

तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ

संसार में उजाला बनकर 

अमृत रस का प्याला बनकर 

पारिजात की माला बनकर 

भूखों का निवाला बनकर 

तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ

शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी बनकर 

चंद्रघंटा, कूष्माण्डा बनकर 

स्कंदमाता, कात्यायनी बनकर 

कालरात्रि, महागौरी बनकर 

माता सिद्धिदात्री बनकर 

तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ

तुम्हारे आने से नव-निधियां 

स्वयं ही चली आएंगी 

तुम्हारी दास बनकर

तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ

🚩🐅🚩🐅🚩🐅🚩

तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
सिंह की सवार बनकर
रंगों की फुहार बनकर
पुष्पों की बहार बनकर
सुहागन का श्रंगार बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
खुशियाँ अपार बनकर
रिश्तों में प्यार बनकर
बच्चों का दुलार बनकर
समाज में संस्कार बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
रसोई में प्रसाद बनकर 
व्यापार में लाभ बनकर 
घर में आशीर्वाद बनकर 
मुँह मांगी मुराद बनकर 
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
संसार में उजाला बनकर 
अमृत रस का प्याला बनकर 
पारिजात की माला बनकर 
भूखों का निवाला बनकर 
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी बनकर 
चंद्रघंटा, कूष्माण्डा बनकर 
स्कंदमाता, कात्यायनी बनकर 
कालरात्रि, महागौरी बनकर 
माता सिद्धिदात्री बनकर 
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
तुम्हारे आने से नव-निधियां 
स्वयं ही चली आएंगी 
तुम्हारी दास बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ

* मधुबाला दुबे *

टिप्पणियाँ