श्री देशना
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श्री देशना संग्रह

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17 नवंबर 2025

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💐 मैं प्रोफेसर (डॉ.) प्रकाश शंकरराव चिकुर्डेकर जी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। आपने अनछुए स्पर्श में प्रवासी अनुभवों, स्त्री चेतना, प्रेम और आत्मिक द्वंद्व की संवेदनाओं को जिस सूक्ष्मता और गहराई के साथ समझा और प्रस्तुत किया है, वह मेरे लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। यह केवल मेरे काव्य-संग्रह के लिए सम्मान नहीं, बल्कि मेरी लेखनी के उद्देश्य—भावनाओं को मुखर करना और अनछुए अनुभवों को पाठकों तक पहुँचाना—को मान्यता देने वाला स्नेहपूर्ण उपहार है। 🙏 डॉ सुनीता शर्मा मैल्बोर्न/ ऑस्ट्रेलिया

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