श्री देशना
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श्री देशना संग्रह

मेरे मन को हे प्रभो!

20 अक्टूबर 2022

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मेरे मन को हे प्रभो! 

          दे दो यह वरदान।

अच्छा सच्चा ये रहे , 

          नहीं बने शैतान।।

नहीं बने शैतान , 

          सदा सद्भाव भरे हों।

हों कल्याणी आह्वान , 

          हृदय के भाव हरे हों।।

शांत रहे बलवान , 

          नहीं चिंता आ घेरे।

अर्ज करे 'शिशुपाल' , 

          शक्ति दो मन को मरे।। 

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