श्री देशना संग्रह
शुभ प्रभात
आलेख•26/2/2020•1 मिनट पढ़ने का समय
"प्रीत एक वरदान प्रिय, जिसे मिले वो धन्य। मिल जाए मनमीत जब, और न भाए अन्य।" Attachments area
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"प्रीत एक वरदान प्रिय,
जिसे मिले वो धन्य।
मिल जाए मनमीत जब,
और न भाए अन्य।" डॉ 'अरुण '
जिसे मिले वो धन्य।
मिल जाए मनमीत जब,
और न भाए अन्य।" डॉ 'अरुण '

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