श्री देशना संग्रह
मन की अखियां खोल।।
आलेख•21/10/2022•1 मिनट पढ़ने का समय
डर कर दर-दर घूमता, होकर डांवाडोल।
जग का बल तुझ में छुपा, मन की अखियां खोल।।
कौशिक इस संसार में, सच्चा साथी राम।
अंत करण में तार ले, परम पिता का नाम।।
🕉️✍️ जगबीर कौशिक🙏🕉️
श्री देशना संग्रह
डर कर दर-दर घूमता, होकर डांवाडोल।
जग का बल तुझ में छुपा, मन की अखियां खोल।।
कौशिक इस संसार में, सच्चा साथी राम।
अंत करण में तार ले, परम पिता का नाम।।
🕉️✍️ जगबीर कौशिक🙏🕉️
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