श्री देशना संग्रह
- आमजन हुआ बहुत लाचार...
आलेख•22/8/2023•1 मिनट पढ़ने का समय
गायत्री देवी (निकुंज) रतलाम
🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄
करो कोई लाख जतन करते है
बाद कोई दुराचार होते है
आम जन होते हैं बहुत लाचार
🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄
कही लुट मची है कही कोई भागम भाग
कोई कानुन के सताए है किसी ने कीया अत्याचार
रोते सीसकते
बे गुनाह सजा भुगतते होते है परेशान
आमजन हुआ बहुत लाचार
काम काज नही मीलते दो वक्त की रोटी जुटाना हुआ मुहाल
बीना रिस्वत के काम करे ना
गरीब को देते धुतकार
दिन पर दिन हाला बिगड़ ते जा रहे हैं
आम जन हुआ बहुत लाचार

टिप्पणियाँ