श्री देशना
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श्री देशना संग्रह

14 मई 2023

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 [9:09 AM, 5/14/2023] Meera Gautam: मातृ-दिवस ' पर सादर नमन्👏👏

[9:11 AM, 5/14/2023] Meera Gautam: हमारे उदास अधरों पर

मुस्कान सी तैरती है माँ


माँ को पाना ऐसे ही है

जैसे लुढ़कते खिलौनों को पाने के लिए

घुटलियों चलने लगता है बचपन


माँ काजल का टीका है माथे पर

बुरी नज़र से बचाने के लिए


दुःखों की घनघोर बदली में

सावन की झड़ी सी बरसती है माँ


पिघल- पिघलकर बरसता है दुःख

और,

हरियाने लगता है हमारा जीवन👏🌹


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