श्री देशना संग्रह
एक नर्स की व्यथा
20 अगस्त 2021
करोना जैसी महामारी के दौर में स्वास्थ्य विभाग की मेहनत को सलाम करते हुए सिस्टर बहनों के योगदान को समर्पित रचना
महामारी के इस संकट में अपनी जान लुटाती हूं
मैं वीरांगना बनकर देश में अपना फर्ज निभाती हूं
मां बापू जी फोन लगाकर तंग मुझे कर जाते हैं
छोटा भाई पैसे लेने ड्यूटी तक आ जाता है
मैं सुरक्षित हूं कि नहीं यह खबर उन्हें पहुंचाती हूं
मैं वीरांगना बनके देश में अपना फर्ज निभाती हूं
मैंजब अपने घर से निकलती बिटिया मेरी रोती है
ठुमक ठुमक कर गिरती अपनी बाहें आगे बढ़ाती है
उसकी रक्षा के खातिर में गोद में नहीं उठाती हूं
मैं वीरांगना बनके देश में अपना फर्ज निभाती हूं
अब तक सारा काम किया था जीवन बसर कराने का
अब मौका है देश के खातिर अपना फर्ज निभाने का
जन के खातिर जान लुटा दूं यह विश्वास दिलाती हूं
मैं वीरांगना बनके देश में अपना फर्ज निभाती हूं
महामारी के इस संकट में अपनी जान लुटाती हूं
मैं वीरांगना बनकर देश में अपना फर्ज निभाती हूं।
बलदेव सिंह चौहान
स्वास्थ्य विभाग राजपुर
जिला बड़वानी मध्य प्रदेश
