मातु वंदना
समय बड़ा अनमोल है, करना मत बेकार।बीता जीवन फिर कभी, मिलता नहीं उधार ।जो करता श्रमदान है,प्राप्त करें हर लक्ष्य,उस पर माँ करती कृपा,भर देती भंडार।। सागर पुत्री आप हैं,नहीं अर्थ की थाह।श्री हरि के उर में बसी,मिटी हृदय की आह।जन-जन का कल्याण कर, करती भव से पार,माँ लक्ष्मी झोली भरें,पूर्ण करें हर चाह।। द्वार … Read more