श्री देशना संग्रह
लेखक गांव पुस्तक लोकार्पण
4 जनवरी 2026
जब साहित्य स्मृतियों से संवाद करता है और शब्द अपनी भूमि से जुड़ जाते हैं, तब कोई कृति केवल पुस्तक नहीं रहती वह चेतना बन जाती है।
आज दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र, देहरादून में वरिष्ठ साहित्यकार अर्चना पैंचूली जी के उपन्यास ‘अलकनंदा सुत’ का लोकार्पण कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं तथा उपस्थित साहित्यकारों एवं विद्वज्जनों को संबोधित किया।
अलकनंदा सुत’ पवित्र अलकनंदा की अविरल धारा की भाँति सहज, शांत और गहन संवेदनाओं से ओतप्रोत कृति है। उत्तराखंड की भूमि, वहाँ का जनजीवन, संघर्ष, संस्कार और लोक-स्मृतियाँ इसमें अत्यंत मार्मिकता के साथ सजीव होती हैं।
यह उपन्यास पहाड़ के कठिन जीवन के बीच पनपती जीवटता, श्रमशीलता और आत्मसम्मान को रेखांकित करता है तथा पाठक को अपनी जड़ों से पुनः जोड़ता है। यह केवल एक साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि भारतीय सामाजिक चेतना का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।
इस गरिमामय साहित्यिक आयोजन के लिए दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र को साधुवाद। ऐसे प्रयास हमारी सांस्कृतिक स्मृति को जीवित रखते हैं और बौद्धिक परंपरा को निरंतर समृद्ध करते हैं।
डा शिप्रा शिल्पी
