श्री देशना संग्रह
मांँ शारदे वंदना
31 जनवरी 2026
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माँ शारदे मांँ शारदे मधु वीणा की झंकार दे।
बेटी तेरी बुला रही है इसको भी तू प्यार दे।।
माँ शारदे माँ शारदे.......
ऐसी कोई जगह न मैया जहाँ न तेरी प्रभुता।
मैया मेरा ध्यान तुम्हारे ही चरणों में लगता।।
कंठ विराजो आकर मइया स्वर दे शब्द अपार दे।
माँ शारदे माँ शारदे...
लिखे लेखनी ऐसा जो हो देश धर्म हितकारी।
उन्मादी शब्दों से कविता बची रहे महतारी।।
हृदय की मिट सके कलुषता कर इतना उपकार दे।
माँ शारदे माँ शारदे-------
दीन-दुखी के काम आ सकूँ वरद हस्त मुझ पर रखना।
आशीर्वाद से वीणा पाणिनि मेरी झोली तू भरना।।
सबका जीवन सुखमय कर दे सबको प्यार दुलार दे।
माँ शारदे मांँ शारदे---------
डॉ गीता पाण्डेय "अपराजिता"
सलोन रायबरेली उत्तर प्रदेश

