श्री देशना संग्रह
हाइकू
कविता•13/6/2020•1 मिनट पढ़ने का समय
हाइकू 1 मन चंचल नहीं पकड़ पाए फिरता रहा 2 मन की डोर नीले आसमान में उड़ती रही 3 मन मस्ती में हवा के साथ साथ लहराता जा 4 मन करता अठखेलियां जैसे बाजे संगीत डॉ0 दीपिका राव बांसवाड़ा राजस्थान |
श्री देशना संग्रह
हाइकू 1 मन चंचल नहीं पकड़ पाए फिरता रहा 2 मन की डोर नीले आसमान में उड़ती रही 3 मन मस्ती में हवा के साथ साथ लहराता जा 4 मन करता अठखेलियां जैसे बाजे संगीत डॉ0 दीपिका राव बांसवाड़ा राजस्थान |
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