श्री देशना संग्रह
थल सेना दिवस
15 जनवरी 2026
सुरेश चौधरी
थल सेना दिवस 15 जनवरी थल सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है। जब देश आजाद हुआ तो पूरे भारत में दंगे ह्यो रहे थे भारत की सेना को व्यवस्थित करने का मौका ही नहीं मिल रहा था अंततः 15 जनवरी 1949 को आधिकारिक रूप से सेना को ब्रिटिश कमांड से भारतीय कमांड में लिया गया और पहले सेनाध्यक्ष बने जेनरल के एम करिअप्पा, इससे पहले सेना कमांडर जनरल राय फ्रांसिस बुचर के अधीन थी। उस समय भारतीय सेना की शक्ति करीब 2 लाख थी। जो आज बढ़ कर विश्व की दुसरीं सबसे बड़ी सैन्य शक्ति ( 14 लाख सीधे और 18 लाख अन्य) हो गयी है।आईये भारतीय सेना के शौर्य को नमन करते हैं।
भारत के वीर सैन्य दल का, शौर्य दिखाने आया हूँ
तिमिर दूर करने ज्योति-कलश, आज सजाने लाया हूँ
देखो राणा का रण कौशल, वीर शिवा की चतुराई
कूट कूट कर भरी जिनमे, गुरु साहिब की अंगड़ाई
पद्मनी के जोहर की कसम, जिनके हृदय मे समाई
लक्ष्मी बाई से ले साहस, सेना भारत की आई
आज तुम्हे पुरखों की भूली, कथा बताने आया हूँ
तिमिर दूर करने ज्योति-कलश, आज सजाने लाया हूँ
सीमा पर प्राण वीर सैनिक, करते रहते न्योछावर
केशर घाटी हो करगिल हो, या गलवान का हो असर
क्या क्या सुनाऊं कैसे कहूँ, लिखूं क्या क्या मनोद्गार
छोटी सी मेरी कलम बनी, घाव नाजुक हैं हज़ार
बलिदानी शहीद की स्मृति में, दीप जलाने आया हूँ
तिमिर दूर करने ज्योति-कलश, आज सजाने लाया हूँ
यह देश देख गीता का है, कर्म का होता प्रसार
देश हित युद्ध करो धर्म है, बताते हैं कृष्ण मुरार
सैन्य शक्ति आततायियों पर, बन दुर्गा करती प्रहार
सौ गलतियां क्षमा करें हम, फिर शिशुपाल का संहार
उठो उठाओ आत्म सम्मान, देश जगाने आया हूँ
तिमिर दूर करने ज्योति-कलश, आज सजाने लाया हूँ

